कुंभ मेला भूमि पर पूर्व पार्षद का अवैध निर्माण, यूपी सिंचाई विभाग ने मौके पर पहुंचकर बंद कराया निर्माण कार्य 
हरिद्वार। कुंभ मेला प्रयोजन से जुड़ी यूपी सिंचाई विभाग से संबंधित सरकारी भूमि पर कथित अनाधिकृत निर्माण का मामला सामने आया है। आरोप है कि पूर्व पार्षद श्रीमति ललिता मिश्रा द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण कराया जा रहा था, जिसे सोमवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाते हुए छत डालने के लिए लगाई गई षटरिंग को भी अपने कर्मचारियों की मदद से नीचे उतरवा दिया। साथ ही टीम द्वारा अवैध निर्माण किए जाने या पाए जाने पर हितबद्ध व्यक्ति के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाही की चेतावनी अधिकारियों द्वारा दी गई हैं। इस कार्रवाही के बीच नगर पालिका की पूर्व पार्षद श्रीमति ललिता मिश्रा ने निर्माण स्थल संबंधी भूमि की रजिस्ट्री अपने नाम होने का दावा जरूर किया गया, परन्तु निर्माण से संबंधी अनुमति पर वह निरूत्तर नजर आई। टीम में सहायक अभियंता भारत भूषण शर्मा, जेई के0के0सैनी , दिनेश वर्मा व अन्य स्टाफ शामिल रहे।
उधर यूपी सिंचाई विभाग अधिषासी अभियंता विकास त्यागी का कहना हैं कि बैरागी कैंप में यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करने का कार्य पूर्ण कर लिया गया हैं। संबंधित विभागीय भूमि का कर्मचारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता हैं। जल्द ही विभाग की ओर से अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर , अतिक्रमण हटाने की कार्रवाही की जाएगी।
उठ रहे प्रमुख सवाल
कुंभ मेला भूमि पर निजी निर्माण की अनुमति किस अधिकारी या विभाग ने दी ?
निर्माणकर्ता के पास भूमि पर निर्माण का कानूनी अधिकार/अनुमति किस दस्तावेज के आधार पर है?
क्या निर्माण का कोई स्वीकृत मानचित्र है ? यदि भूमि सिंचाई विभाग की है तो क्या विभाग से अनुमति ली गई ?
क्या निर्माणकर्ता के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस एवं विधिक कार्रवाई की गई ?
क्या राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति की संयुक्त पैमाइश कराई जाएगी ?
अब देखना यह है कि कार्रवाई केवल अवैध निर्माण कार्य रुकवाने तक सीमित रहती है या सरकारी मेला भूमि पर कथित अतिक्रमण और निर्माण के पूरे मामले की जिम्मेदारी भी तय की जाती है।
